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लंबे समय तक हेल्दी रहने के लिए खाएं 8 आहार


लंबे समय तक हेल्दी रहने के लिए खाएं 8 आहार

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए आपके शरीर को अच्छी गुणवत्ता वाले पोषण की आवश्यकता है। आयुर्वेद में कुछ ऐसे आहारों के बारे में बताया गया है जिसका सेवन करके आप अपने आप को हेल्दी रख सकते हैं तथा दीर्घायु को बढ़ावा दे सकते हैं।
आंवला

आंवला हर मौसम में फायदेमंद होता है। यह न केवल आंखों, बालों और त्वचा के लिए लाभकारी है बल्कि इसके और भी कई फायदे हैं, जो आपके शरीर को सेहतमंद बनाए रखने में सहायता करता है।

आंवला आयुर्वेद में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले जड़ी बूटियों में से एक है। यह तीन दोषों – वात, पित्त और कफ के बीच एक परिपूर्ण संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है।

यह विटामिन सी के सर्वोत्तम स्रोतों में से एक है जो कई बीमारियों और संक्रमणों के खिलाफ आपके शरीर की रक्षा तंत्र बनाने रखने के लिए जाना जाता है। इसे एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट भी माना जाता है जो उम्र बढ़ने में देरी करता है और दीर्घायु को बढ़ावा देता है।
इलायची

इलायची सिर्फ एक स्वादिष्ट मसाला नहीं है, बल्कि इसके असंख्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं। हर भारतीय के घर में पाई जाने वाली इलायची माउथ फ्रेशनर के रूप में भी काम करता है। चीनी परंपरा के मुताबिक, इलायची की चाय पीने से दीर्घायु को बढ़ावा मिलता है।

इलायची की चाय विषाक्त पदार्थों को दूर करने में मदद करती है और आपके आंतरिक सिस्टम को साफ रखती है। यह कई पौष्टिक तत्वों में समृद्ध है, जो पाचन में सुधार करता है, आपके रक्त शर्करा या ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है और रक्त परिसंचरण या ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा देता है। इस प्रकार यह आपके जीवन शक्ति और आपके ऊर्जा के स्तर को बनाए रखता है।
अजवाइन

अजवाइन न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्किप यह आपको पेट से जुड़े कई रोगों को भी दूर रखने में मदद करता है। कई तरह के आयुर्वेदिक उपाय के लिए अजवाइन का प्रयोग किया जाता है।

घरेलू उपचार से लेकर मसाले और आयुर्वेदिक दवाओं तक में इसका इस्तेमाल होता है। यह पाचन शक्ति को मजबूत करने सहायता करता है। अजवाइन के बीज दिल के अनुकूल हैं। उनमें नियासिन और थाइमोल होता है जो दिल के स्वास्थ्य को बनाए रखता है। यह एक महान प्राकृतिक एंटीबायोटिक के रूप में भी कार्य करता है।
अदरक
आयुर्वेदिक उपचारों में अदरक का बहुत ही ज्यादा महत्व है। अदरक अपने स्वास्थ्य लाभों के लिए जाने-माने सबसे प्राचीन मसालों में से एक है, जिसमें मतली और दर्द से छुटकारा पाने की क्षमता शामिल है।

अदरक के प्राथमिक स्वास्थ्य लाभ ज्यादातर इसकी उच्च एंटीऑक्सीडेंट सामग्री के कारण होता हैं। माना जाता है कि इसमें कम से कम 25 विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सिडेंट होता है।

एंटीऑक्सिडेंट शरीर में बीमारी पैदा करने वाले मुक्त कणों से लड़ता हैं और कई प्रकार की बीमारियों जैसे हृदय की परेशानी, मधुमेह, गठिया और यहां तक कि कैंसर से भी रक्षा करता है। यह आपको लंबे समय तक जवां और हेल्दी रखने में सहायता करता है।
लौंग

लौंग एंटी फंगल, जीवाणुरोधी, एंटीसेप्टिक और एनाल्जेसिक से भरपूर हैं। लौंग अद्भुत उपचार गुणों के साथ एक सुपर मसाला है। लौंग मैंगनीज से भरपूर हैं जो आपके चयापचय को प्रबंधित करने में मदद करता है और तंत्रिका तंत्र को स्थिर रखता है।
जीरा
लंबे समय तक स्वस्थ्य रहने के लिए आप जीरा का सेवन कर सकते हैं। जीरा एक स्वादिष्ट मसाला है और औषधियों में भी जीरे का बहुत इस्तेमाल किया जाता है। यह पेट दर्द, अपच, दस्त, पेट फूलना, मतली आदि पाचन सम्बंधित विकारों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण औषधि है।

जीरे के बीज आपके पेट की सभी समस्याओं के लिए सबसे अच्छे प्राकृतिक उपचारों में से एक है। जीरा आयरन और आहार फाइबर का एक उत्कृष्ट स्रोत है। यह गैस्ट्रिक रस के उत्पादन को उत्तेजित करता है और तंत्रिका तंत्र को भी शांत करता है।

आप अपने दिन की शुरुआत रात भर भिगोकर रखे जीरे के एक गिलास पानी से कर सकते हैं। आयुर्वेद में भी इसे पीने की सलाह दी जाती है। यह आपके पाचन में सुधार करता है और आपके मेटाबॉलिज्म को बनाए रखता है। – 
शहद

शहद को शीर्ष सुपरफूड में से एक माना जाता है। शहद को हमेशा एक महान सौंदर्य घटक के रूप में प्रयोग किया जाता है जो उम्र बढ़ने के संकेतों को धीमा करने में मदद कर सकता है। आपके स्वास्थ्य के लिए भी शहद के कुछ शानदार लाभ हैं। यह कई प्राकृतिक खनिजों और जीवित एंजाइमों से भरा है जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।
काली मिर्च

यह दुनिया भर के विभिन्न व्यंजनों में उपयोग की जाने वाली सबसे आम मसालों में से एक है। आप शायद नहीं जानते हो लेकिन इस मसाले में कुछ महान छिपे हुए औषधीय गुण हैं और इसमें समृद्ध खनिज सामग्री है।

काली मिर्च के बारे में एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि यह हल्दी के पौष्टिक मूल्य को बढ़ाता है। काली मिर्च एक गुप्त घटक है जिसे स्वस्थ बनाने के लिए हल्दी दूध में जोड़ना चाहिए। यह आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में भी मदद करता है।

काली मिर्च के नुकसान


आप ने अक्सर काली मिर्च के फायदे के बारे में सुना होगा कि काली मिर्च का सेवन करके हम कई तरह की बीमारियों से बच सकते हैं। इसका उपयोग हम सामान्य बीमारियों के उपचार में करते हैं, लेकिन आपको इस बारे में पता नहीं है कि जब हम इसका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, तब यह हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो सकती है। आइये जानते हैं कि इसका अधिक सेवन करने से हमें क्या-क्या नुकसन होते हैं।
पेट की समस्या
काली मिर्च की तासीर गर्म होने के कारण इसका अधिक मात्रा में सेवन करना हमारे लिए खतरनाक हो सकता है। इसका अधिक सेवन करने से हमें पेट संबंधी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
साँस की बीमारी
इसके पाउडर का अधिक सेवन करने से हमें सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। इससे गले में खराश, जलन, और सांस की समस्या पैदा होती है।
मौत का कारण
इसका अत्यधिक सेवन मौत का कारण बन सकता है। काली मिर्च का अधिक सेवन फेफड़ो को अवरुद्ध कर देती है। जिसके कारण हमें साँस लेने में दिक्कत पैदा हो सकती है और यह मौत का कारण भी बन सकती है।
बच्चों के लिए नुकसानदेह
काली मिर्च का अधिक सेवन बड़ों से अधिक बच्चों के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है। इसलिए काली मिर्च से बच्चों की दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
त्वचा के लिए 
काली मिर्च को त्वचा की समस्या के उपचार के लिए अधिक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे बड़ों को तो अधिक नुकसनन नहीं होता, लेकिन बच्चों में यह जलन और लालिमा की समस्या पैदा कर सकती है।
गर्भावस्था के दौरान
काली मिर्च का अधिक सेवन गर्भावस्था के दौरान नहीं करना चाहिए। काली मिर्च का अधिक सेवन करने से गर्भपात की संभावना अधिक होती है, यही कारण है कि हमें काली मिर्च का सेवन अधिक नहीं करना चाहिए।
स्तनपान के दौरान
जब स्त्री स्तनपान करवाती है, तब ऐसे में उसे काली मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे बच्चें के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है।

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