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जानें प्रोटीन सप्लिमेंट्स से जुड़ी सारी बातें

जानें प्रोटीन सप्लिमेंट्स से जुड़ी सारी बातें

जिम जॉइन करते ही पर्सनल ट्रेनर व डायटीशियन सबसे पहले आपको अपनी डायट में प्रोटीन सप्लिमेंट्स शामिल करने का सुझाव देते हैं. आप इंटरनेट से प्रोटीन पाउडर्स ख़रीद सकती हैं. कुछ चुनिंदा स्टोर्स में आपको रेडि टू ड्रिंक प्रोटीन शेक्स भी मिल जाएंगे, लेकिन क्या ये सिर्फ़ बॉडीबिल्डर्स के लिए होते हैं या जिम जानेवाले सामान्य व्यक्तियों को भी इससे फ़ायदा मिल सकता है? आइए जानते हैं इससे जुड़ी कई सारी बातें. 
क्या होते हैं प्रोटीन पाउडर्स?
प्रोटीन विभिन्न रूपों में उपलब्ध हैं. चेन्नई स्थित फ़िटनेस एक्सपर्ट व सेलेब्रिटी ट्रेनर सत्या शिवकुमार कहते हैं,‘‘वे प्रोटीन (दही का पानी) आसानी से उपलब्ध व लोकप्रिय विकल्प है, क्योंकि यह पानी में घुलनशील मिल्क प्रोटीन है. यह संपूर्ण प्रोटीन है. इसमें सबसे अधिक मात्रा में एसेंशियल अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं, जो हमारे विकास के लिए ज़रूरी हैं और जिन्हें हमारा शरीर ख़ुद पैदा नहीं कर सकता. इसमें ऐसे प्रोटीन्स भी पाए जाते हैं, जो कठिन व्यायाम के दौरान हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में मदद करतेहैं.’’ प्रोसेसिंग की प्रक्रिया के अनुसार वे प्रोटीन विभिन्न रूपों में उपलब्ध है. वे प्रोटीन आइसोलेट सबसे गाढ़ा रूप है. इसमें 90% या उससे ज़्यादा प्रोटीन पाया जाता है और बहुत कम या शून्य वसा व लैक्टोज़ होता है.’’ दूसरे लोकप्रिय विकल्प सोया और केज़ीन प्रोटीन पाउडर्स हैं. सोया प्रोटीन पाउडर शाकाहारियों के लिए एक अच्छा विकल्प है. केज़ीन, वे की तरह ही मिल्क प्रोटीन है और इसे पचाने में बहुत समय लगता है. 
क्या आपको प्रोटीन सप्लिमेंट्स की ज़रूरत है?
यह आपके भोजन और व्यायाम के स्तर पर निर्भर करता है. ऐथलीट्स को सामान्य लोगों की तुलना में ज़्यादा प्रोटीन की आवश्यकता होती है. इसका उद्देश्य व्यायाम के दौरान क्षतिग्रस्त हुई मांसपेशियों की मरम्मत करना होता है. फिर भी ज़्यादातर लोग, यहां तक कि ऐथलीट्स भी, रोज़ाना की प्रोटीन की ज़रूरत को गोश्त, मछली, चिकन और डेयरी प्रॉडक्ट्स जैसे प्राकृतिक स्रोतों के माध्यम से पूरा करते हैं. रोज़ाना के लिए ज़रूरी प्रोटीन से अधिक प्रोटीन ग्रहण करने से मांसपेशियों को कोई अतिरिक्त फ़ायदा नहीं मिलता, क्योंकि यह सीमित मात्रा तक ही मांसपेशियों में अवशोषित होता है. कुछ लोगों को शरीर की प्रतिदिन की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए प्रोटीन शेक्स की ज़रूरत पड़ सकती है. कम कैलोरी ग्रहण करनेवाले, शाकाहारी लोग एवं कठिन ट्रेनिंग लेनेवालों को प्रोटीन सप्लिमेंट्स से फ़ायदा मिल सकता है. सत्या कहते हैं,‘‘एक पाउंड मांसपेशी बनाने के लिए शरीर को प्रतिदिन 10 से 14 ग्राम अतिरिक्तप्रोटीन की आवश्यकता होती है. यह बहुत ज़्यादा नहीं है. कुछ पाउडर्स में प्रति सर्विंग 80 ग्राम प्रोटीन होता है. आपको उतने प्रोटीन की आवश्यकता नहीं है. वैसे भी आपका शरीर ऊर्जा पाने के लिए प्रोटीन को तोड़ देता है. ज़रूरत से ज़्यादा प्रोटीन का सेवन आपके लिवर और किडनी के लिए हानिकारक साबित हो सकता है.’’

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? 
डॉ देवेंद्र देसाई, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, मुंबई कहते हैं,‘‘यदि भोजन में पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक तत्व हैं तो आपको प्रोटीन सप्लिमेंट्स की ज़रूरत नहीं है. हां, ऐथलीट्स को अतिरिक्त प्रोटीन की ज़रूरत पड़ सकती है. सामान्यतौर पर प्रोटीन सप्लिमेंट्स हमारे पाचन तंत्र को नहीं प्रभावित करते हैं, लेकिन लंबे समय तक बहुत ज़्यादा प्रोटीन ग्रहण करने से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों को नुक़सान हो सकता है. कुछ किडनी विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोटीन से किडनी संबंधी बीमारी बढ़ सकती है (इसमें मरीज़ के अंदर प्रोटीन जमा हो जाता है, जिससे बीमारी बढ़ने लगती है और इलाज से कोई फ़ायदा नहीं मिलता). पहले ऐसा माना जाता था कि हाई-प्रोटीन डायट उन लोगों के लिए ख़तरनाक हो सकती है, जो लिवर की बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन वैज्ञानिक अध्ययनों ने इस मत को खारिज कर दिया है.’’
क्या ध्यान रखना है ज़रूरी?
अगर आप अपने किसी मील (भोजन) की जगह वे प्रोटीन ग्रहण करना चाहती हैं या इसे रोज़ाना के खानपान में शामिल करना चाहती हैं तो आर्टिफ़िशियल फ़्लेवर्स व स्वीटनर्स युक्त वे से परहेज़ करें. ऐसे ब्रैंड्स न ख़रीदें जिनमें फ्रक्टोज़, डेक्स्ट्रोज़ व मैल्टोड्रेक्स्ट्रिन के रूप में अतिरिक्त शक्कर हो. ऐसे प्रॉडक्ट्स पर भी पैसे न बहाएं, जिनमें क्रियाटिन, ग्रोथ पेप्टाइड्स व ग्लूटामिन हों. वे का सेवन करने से कुछ लोगों को पेट फूलने व पेट ख़राब होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. 
क्या हो इसके इस्तेमाल का सही तरीक़ा?
आमतौर पर लोग कहते हैं कि व्यायाम करने के तुरंत बाद प्रोटीन पाउडर्स का सेवन करना चाहिए, लेकिन साठे इस मत को नकारते हुए कहते हैं,‘‘शरीर को व्यायाम से पहले और बाद में कार्बोहाइड्रेस की ज़रूरत होती है, क्योंकि ये शरीर के लिए ईंधन का काम करते है.’’ फिर प्रोटीन पाउडर्स का प्रयोग कब करना चाहिए? ‘‘दिन में कभी भी, ’’सत्या सलाह देते हुए कहते हैं. ‘‘इसे स्नैक के रूप में या भोजन के विकल्प के रूप में ग्रहण करें, लेकिन व्यायाम के तुरंत बाद नहीं.’’

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